आधार कारधारकों के लिए यह एक बड़ी चेतावनी है। अगर आपने कुछ जरूरी काम समय पर नहीं किए, तो आपका आधार कार्ड बंद (डिऐक्टिवेट) हो सकता है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने आधार डेटाबेस को साफ-सुथरा और सुरक्षित रखने के लिए कई नियमों में बदलाव किए हैं। यह Aadhaar Card New Rules 2026: ये काम नहीं किया तो आधार हो सकता है बंद! की पूरी जानकारी हर उस व्यक्ति के लिए बेहद जरूरी है जिसके पास आधार कार्ड है।
2.5 करोड़ से अधिक आधार नंबर पहले ही डिऐक्टिवेट
सरकार ने पारदर्शिता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया है। केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में जानकारी दी कि UIDAI ने अब तक 2.5 करोड़ से अधिक आधार नंबरों को निष्क्रिय (डिऐक्टिवेट) कर दिया है । ये वे आधार नंबर हैं जो मृतक व्यक्तियों के थे, ताकि पहचान की चोरी (आइडेंटिटी फ्रॉड) और सरकारी योजनाओं के दुरुपयोग को रोका जा सके ।
कब हो सकता है आपका आधार बंद?
UIDAI ने स्पष्ट किया है कि आधार अपने आप कैंसल नहीं होता, लेकिन कुछ खास स्थितियों में इसे डिऐक्टिवेट किया जा सकता है :
· एक व्यक्ति, एक आधार का नियम: अगर किसी व्यक्ति को गलती से एक से अधिक आधार नंबर जारी हो गए हैं, तो सत्यापन के बाद UIDAI एक को छोड़कर बाकी सभी को डिऐक्टिवेट कर देता है ।
· मृत्यु के बाद: परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु होने पर उनका आधार नंबर बंद करना जरूरी है। अब ऑनलाइन या आधार सेवा केंद्र पर जाकर ऐसा किया जा सकता है ।
· बायोमेट्रिक त्रुटियां: अगर फिंगरप्रिंट या आंखों की पुतली (आइरिस) के सत्यापन में बार-बार गड़बड़ी होती है।
· गलत या फर्जी जानकारी: नाम, जन्मतिथि, पता गलत होना या नामांकन के समय फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करना ।
· लंबे समय तक इस्तेमाल न करना: हालांकि यह बहुत कम होता है, लेकिन अगर आधार का लंबे समय तक इस्तेमाल नहीं होता, खासकर बच्चों के पुराने आधार रिकॉर्ड या ऐसे आधार जिन्हें कभी अपडेट नहीं कराया गया, तो वे निष्क्रिय हो सकते हैं ।
बच्चों के लिए बायोमेट्रिक अपडेट अनिवार्य
बच्चों के आधार को लेकर सबसे अहम नियम है। 5 साल से कम उम्र के बच्चों को आधार बिना बायोमेट्रिक के जारी किया जाता है। बच्चे के 5 साल और 15 साल का होने पर बायोमेट्रिक अपडेट कराना अनिवार्य है । ऐसा न करने पर भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने, NEET, JEE जैसी परीक्षाओं में रजिस्ट्रेशन कराने में दिक्कत हो सकती है । UIDAI ने स्कूलों में विशेष अभियान चलाकर 1 करोड़ से अधिक बच्चों के बायोमेट्रिक अपडेट किए हैं ।
10 साल का नियम (Mandatory Update)
अगर आपका आधार 10 साल से अधिक पुराना है और उसमें कोई अपडेट नहीं कराया गया है, तो UIDAI ने निवासियों से अपने पहचान और पते के दस्तावेज फिर से जमा करने को कहा है । यह कोई समाप्ति की तारीख नहीं है, बल्कि एक सत्यापन प्रक्रिया है ताकि रिकॉर्ड सटीक बने रहें। पुराने पते और दस्तावेजों के कारण सत्यापन में परेशानी हो सकती है ।
अपडेट की सीमा और नियम
UIDAI ने कुछ जानकारियों को अपडेट करने की संख्या पर भी पाबंदी लगा दी है। नाम और जन्मतिथि में बदलाव सबसे अधिक प्रतिबंधित हैं । अगर तय सीमा पार हो जाती है, तो अपडेट के लिए मैन्युअल समीक्षा और अतिरिक्त दस्तावेजों की आवश्यकता होगी ।
अपना आधार स्टेटस कैसे चेक करें?
आप UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट myaadhaar.uidai.gov.in पर जाकर या अपना आधार नंबर और ओटीपी डालकर आसानी से अपने आधार की स्थिति (स्टेटस) और प्रमाणीकरण इतिहास (ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री) देख सकते हैं । पिछले छह महीने का रिकॉर्ड यहां देखा जा सकता है। अगर कोई गतिविधि नहीं दिखती, तो इसका मतलब है कि आधार का लंबे समय से इस्तेमाल नहीं हुआ है ।
क्या आधार की समय-सीमा समाप्त होती है?
नहीं, आधार कार्ड की कोई समाप्ति तिथि (एक्सपायरी डेट) नहीं होती है और यह आजीवन वैध रहता है ।
निष्कर्ष
यह Aadhaar Card New Rules 2026: ये काम नहीं किया तो आधार हो सकता है बंद! बताता है कि UIDAI ने आधार को और अधिक सुरक्षित और सटीक बनाने के लिए कई कड़े कदम उठाए हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि अगर आपने बच्चों का समय पर बायोमेट्रिक अपडेट नहीं कराया, या 10 साल पुराने आधार के दस्तावेज री-वेरिफाई नहीं कराए, तो आपका आधार निष्क्रिय होने का खतरा है। सभी आधार धारकों को सलाह दी जाती है कि वे समय-समय पर अपना रिकॉर्ड चेक करते रहें और जरूरी अपडेट जरूर कराएं।


